ज्यूडिशियरी पर सरकार का कोई दवाब नहीं : CJI चंद्रचूड़

CJI डीवाई चंद्रचूड़ बतौर जज 23 साल का समय पूरा करने वाले हैं, लेकिन इतने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कभी भी किसी दबाव का सामना नहीं किया। यह बता उन्होंने इंडिया टुडे नई दिल्ली में हुए के इवेंट में कही है। CJI बोले- दवाब होता है, लेकिन दिमाग पर ताकि किसी केस का सही समाधान खोजा जा सके। उसका सही फैसला लिया जा सके।

इस इवेंट में CJI ने अपनी पसंद, कॉलेजियम सिस्टम, जजों की ऑनलाइन ट्रोलिंग पर भी बात की। उन्होंने बताया कि अगर वे क्रिकेटर होते तो राहुल द्रविड़ की तरह होते।

  • कानून मंत्री से मतभेद : उनकी एक धारणा है। मेरी एक धारणा है और इनमें अंतर होना तय है। आखिर धारणाओं में अंतर होने में क्या गलत है? हमें ज्यूडिशियरी के अंदर धारणाओं में अंतर से निपटना होगा।
  • होमोसेक्शुअल जज सौरभ कृपाल की नियुक्ति : जिसका आप जिक्र कर रहे हैं, पब्लिकली उसके बारे में सब जानते थे। यह किसी के जीवन को खतरे में डालने का मामला नहीं था। इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट समलैंगिक के बारे में थी। यह मीडिया को पता था हमने सिर्फ इतना कहा कि इसका जज जैसी हाई पोस्ट बैठने से कोई लेना-देना नहीं है।
  • मैं ट्विटर को फॉलो नहीं करता: हमारा लिए जरूरी है कि हम एक्सट्रीम थॉट वॉर से प्रभावित न हों। जब कोई जज अपनी राय रखता है तो सोशल मीडिया उसे ऐसा बना देता है कि जैसे यही आखिरी फैसला हो। मैं उन्हें दोष नहीं देता। हमें और ज्यादा ओपन सिस्टम की जरूरत है। मैं टीवी डिबेट देखता हूं, पढ़ता भी हूं, लेकिन किसी मामले का फैसला करते समय इसे अलग रखता हूं।
  • मुश्किल से मिलता है अपने लिए वक्त : अपने लिए वक्त मिलने के बारे में उन्होंने कहा- मैं बॉब डायलन और क्रिकेट को बेहद पसंद करता हूं। खेल के लिए मुझे मुश्किल से समय मिलता है। लेकिन अगर मैं एक क्रिकेटर होता, तो मैं राहुल द्रविड़ जैसा होता।
  • लंबित मामले लोगों का हम पर भरोसा दिखाते हैं: हम शनिवार को फैसला लिखते हैं, रविवार की छुट्‌टी में सोमवार की तैयारी करते हैं। यूएस सुप्रीम कोर्ट 80 दिन बैठता है, भारत में SC हर साल 200 दिन बैठता है। लंबित मामले लोगों का विश्वास दिखाते हैं और इसे बनाए रखने के लिए जजों को और अधिक कुशल होना होगा।

    CJI बोले- सच्चाई झूठी खबरों का शिकार हो गई​​​​​​

  • मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम ऐसे दौर में रह रहे हैं जहां लोगों में सब्र और सहिष्णुता कम है। सोशल मीडिया के दौर में अगर कोई आपकी सोच से सहमत नहीं है तो वह आपको ट्रोल करना शुरू कर देता है। CJI ने यह बातें अमेरिकन बार एसोसिएशन (ABA) इंडिया कॉन्फ्रेंस 2023 के लॉ इन द ऐज ऑफ ग्लोकलाइजेशन: कंवर्जेंस ऑफ इंडिया एंड द वेस्ट सेमिनार में कहीं।
  • IIT स्टूडेंट्स के सुसाइड पर CJI का दर्द

  • IIT संस्थानों में स्टूडेंट्स के सुसाइड की बढ़ती घटनाओं को लेकर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपना दर्द साझा किया है। उन्होंने कहा, ‘इन घटनाओं के बारे में सोचकर चिंता होती है। उन बच्चों के पेरेंट्स के बारे में सोचता हूं तो दिल दुखता है।’ बता दें, 12 फरवरी को IIT बॉम्बे में गुजरात के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट दर्शन सोलंकी ने सुसाइड कर लिया था।
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