दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा केजरीवाल को लिखे पत्र से जाहिर हो गया है कि दिल्ली के 3 करोड़ से अधिक लोगों को खतरनाक गंभीर प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए भाजपा की चार इंजन की सरकार भी पूरी तरह असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है, जबकि अरविन्द केजरीवाल ने 11 वर्षों के शासन में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किस तरह भ्रम और बदले की भावना की राजनीति की, यह हर दिल्लीवासी जानता है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को केजरीवाल के कथन कि ‘‘सर, यह हर साल होता है, 15-20 दिन मीडिया में उठते है, एक्टिवस्ट और कोर्ट मुद्दे बनाते है, फिर भूल जाते है’’ सत्य है, क्योंकि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदूषण को खत्म करने की बजाय शराब की बिक्री को सक्रिय बनाया जिसमें उन्होंने करोड़ों का भ्रष्टाचार किया।श्री देवेन्द्र यादव ने कहा की दिल्ली में भाजपा की रेखा सरकार द्वारा प्रदूषण पर नियंत्रण न कर पाने की नाकामी के बचाव में उपराज्यपाल का केजरीवाल को पत्र से साबित होता है कि भाजपा भी आम आदमी पार्टी की तरह प्रदूषण को रोकने के लिए सिर्फ झूठे वादे और गैर जरुरी उपायों को अपना रही है। भाजपा की सरकार पिछले 10 महीनों से दिल्ली की सत्ता में है लेकिन जनता के हित में, जनता से जुड़े किसी भी विषय पर घोषणओं के अलावा प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या को नियंत्रण करने में नाकाम साबित हुई है। मौजूदा समय में जब हर दिन प्रदूषण खतरनाक स्तर को पार कर रहा है और पर्यावरण विशेषज्ञ और डाक्टर शुष्क सर्द मौसम में दमघोटू प्रदूषण में लोगों को दिल्ली छोड़ने तक की सलाह दे रहे है, वहीं भाजपा और आम आदमी पार्टी प्रदूषण नियंत्रण पर नूरा कुश्ती कर रही है।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि वर्तमान में राजधानी की जहरीली हवा और दूषित पानी के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो बराबर की जिम्मेदार है। जहां पिछले 11 वर्षों से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, वहीं पिछले 10 महीनों से दिल्ली में रेखा सरकार और केन्द्र में 2014 से भाजपा सरकार और उपराज्यपाल सरकार के नुमाईदें होने के बावजूद दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए कोई काम नही किया गया। यमुना सफाई, ध्वस्त सड़कों को नया बनाना, सड़कों के गड्डों को भरना, मेट्रो के चौथे फेस में बाधाएं, डीटीसी बसों की लगातार कमी, प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने के लिए आम आदमी पार्टी और केन्द्र में भाजपा की सरकार ने दिल्ली वालों की सांसों को दुरस्त करने के लिए कुछ नही किया।श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल ने मंत्रीमंडल और अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक करके प्रदूषण को नियंत्रण करने का दावा किया था, लेकिन शायद सरकार चलाने का अनुभव या अधिकारियों के साथ भ्रष्टाचार में शामिल होने के कारण अधिकारी सरकार की बात नही सुन रहे है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर एक होकर सरकार को काम करना होगा, इसके लिए हमने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सर्वदलीय बैठक की सलाह भी दी थी, लेकिन रेखा गुप्ता शायद अपनी नाकामी को किसी के सामने जाहिर नही होने देना चाहती।