भारत को एक तेज़ी से उभरते वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में और मजबूत करते हुए, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया के साथ साझेदारी में आज FICCI मर्सिडीज़-बेंज़ “भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम” के शुभारंभ की घोषणा की। यह एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य शुरुआती चरण के नवाचारियों को प्रोत्साहित करना और देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है।
भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम को नवाचारियों की यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण चरण में उन्हें सहयोग देने के लिए एक समग्र राष्ट्रीय मंच के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यह कार्यक्रम विनिर्माण, सततता, डीकार्बोनाइज़ेशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और शिक्षा जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जो भारत के विकास लक्ष्यों के प्रमुख स्तंभ हैं। चयनित नवाचारियों को विशेषज्ञ मेंटरशिप, उद्योग से जुड़ाव, FICCI के प्रमुख मंचों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, शीर्ष सात विजेताओं को ₹30 लाख तक का नवाचार सहयोग, एक वर्ष तक निरंतर मार्गदर्शन (हैंडहोल्डिंग) और उद्योग तक पहुंच प्रदान की जाएगी। यह पहल विकसित भारत मिशन के तहत नवाचार-आधारित, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के निर्माण की भारत की दीर्घकालिक दृष्टि के अनुरूप है।
FICCI मर्सिडीज़-बेंज़ भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम के शुभारंभ अवसर पर बोलते हुए, श्री संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, DPIIT, ने भारत की पारंपरिक ताकतों और आधुनिक उद्यमशीलता भावना के बीच एक सशक्त समानता प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश अपनी नवाचार यात्रा को गति दे रहा है, स्टार्टअप्स के प्रति सांस्कृतिक गर्व की भावना विकसित करना आवश्यक है। श्री संजीव ने कहा,“इस देश का हर किसान एक स्टार्टअप है, जो भविष्य पर दांव लगाता है, नई तकनीक अपनाता है और जोखिम उठाता है। जिस तरह एक किसान अपने लहलहाते खेतों पर और एक माँ अपने बच्चे पर गर्व करती है, उसी तरह भारतीयों को अपने स्टार्टअप्स पर गर्व होना चाहिए। उद्यमिता आसान विकल्प नहीं है, लेकिन यह एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार भारत की रीढ़ है।”कॉरपोरेट्स और स्टार्टअप्स के बीच गहन सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री सिंह ने कहा कि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएँ दर्शाती हैं कि नवाचार तब फलता-फूलता है जब बड़े उद्यम सक्रिय रूप से युवा और चुस्त कंपनियों के साथ जुड़ते हैं। उन्होंने आगे कहा, “नवाचार अकेले नहीं होता। कॉरपोरेट्स पैमाना और अनुभव लाते हैं, जबकि स्टार्टअप्स गति, चुस्ती और प्रयोग करने तथा तेज़ी से असफल होने का साहस लाते हैं। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम एक निर्णायक मोड़ पर है, नवाचार अब विकल्प नहीं, बल्कि हमारा विकास इंजन है। अगला दशक उन इकोसिस्टम्स का होगा जो अलगाव के बजाय सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे और वैश्विक बाज़ारों के लिए समाधान तैयार करेंगे।”
FICCI मर्सिडीज़-बेंज़ भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम के राष्ट्रीय शुभारंभ पर, श्री संतोष अय्यर, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया, ने सार्थक उद्योग साझेदारियों के माध्यम से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को पोषित करने के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। श्री अय्यर ने कहा, “हम FICCI के साथ मिलकर भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम के शुभारंभ को लेकर अत्यंत प्रसन्न हैं। यह सहयोग नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास को एक सुदृढ़, सतत और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी भारत के निर्माण के लिए मूलभूत मानने में हमारे साझा विश्वास को दर्शाता है।”एक नवाचार-प्रेरित संगठन के रूप में मर्सिडीज़-बेंज़ की विरासत और भारत में एक इकोसिस्टम एनेबलर के रूप में उसकी विकसित होती भूमिका पर बात करते हुए, श्री अय्यर ने राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप शुरुआती चरण के विचारों को समर्थन देने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने आगे कहा, “मर्सिडीज़-बेंज़ स्वयं को गर्व से 140 वर्ष पुराना स्टार्टअप कहता है, हमने कार का आविष्कार किया और हम लगातार उसे नए सिरे से गढ़ते रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम उस नवाचार भावना को भारत के युवा उद्यमियों तक पहुँचाना चाहते हैं, उच्च संभावनाओं वाले विचारों को प्रोत्साहित करना, लैब से बाज़ार तक की यात्रा को सक्षम बनाना और विकसित भारत की दृष्टि के अनुरूप उद्योग-अकादमिक सहयोग को सशक्त करना चाहते हैं।”इस अवसर पर बोलते हुए, सुश्री ज्योति विज, महानिदेशक, FICCI, ने कहा कि भारत अपने आर्थिक और तकनीकी सफर के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ नवाचार विकास का केंद्रीय स्तंभ बन चुका है। उन्होंने बताया कि भारत की उद्यमशील ऊर्जा अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कैंपसों, इनक्यूबेटर्स, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों से भी तेज़ी से उभर रही है, जो एक व्यापक और राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी स्टार्टअप आंदोलन को दर्शाती है।
सुश्री विज ने आगे कहा, “आज भारत की नवाचार कहानी देश के हर कोने से लिखी जा रही है। भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम के माध्यम से, हम एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बना रहे हैं जो शुरुआती चरण के नवाचारियों को उनकी यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण समय पर आवश्यक इकोसिस्टम समर्थन प्रदान करता है। सततता, विनिर्माण और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में विचारों को पोषित कर, हम सामूहिक रूप से 2047 के भारत में निवेश कर रहे हैं।”FICCI मर्सिडीज़-बेंज़ भारत इनोवेशन एंड बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज प्रोग्राम उद्योग–अकादमिक–स्टार्टअप निरंतरता को मजबूत करने, लैब से बाज़ार तक की प्रक्रिया को सक्षम बनाने और ज़िम्मेदार, भविष्य-तैयार नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। FICCI, मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया और सरकारी हितधारक मिलकर एक ऐसा स्केलेबल और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच तैयार करने का लक्ष्य रखते हैं, जो भारत की अगली पीढ़ी के उद्यमियों को सशक्त बनाए और देश को एक विकसित, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा में तेज़ी प्रदान करे।