माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप तथा नई दिल्ली क्षेत्र में बिजली और जल आपूर्ति को और अधिक बेहतर, भरोसेमंद एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने आज पालिका केंद्र में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आगामी परिषद बैठक में बिजली एवं पानी से जुड़े आने वाले महत्वपूर्ण प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी साझा की।
RDSS योजना के अंतर्गत बिजली आपूर्ति सुदृढ़ करने की पहल
श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना को लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत NDMC में चार प्रमुख कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें Project Management Agency (PMA) की नियुक्ति, Loss Reduction के तहत 11 kV पैनलों का प्रतिस्थापन, SCADA/DMS सिस्टम की स्थापना तथा AMISP के माध्यम से Smart/System Metering शामिल हैं।
11 kV पैनलों का प्रतिस्थापन एवं वितरण ढांचे का सुदृढ़ीकरण
उन्होंने कहा कि NDMC की वर्तमान बिजली वितरण व्यवस्था काफी पुरानी हो चुकी है। कई HT और LT पैनल अपनी निर्धारित कार्य-आयु पूरी कर चुके हैं, जिनमें से कुछ आजादी से पहले के हैं। इसके अतिरिक्त, 30 MVA क्षमता के तीन बड़े ट्रांसफॉर्मर भी पुराने हो चुके हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है। यदि समय रहते इन उपकरणों को नहीं बदला गया, तो लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना रहेगा।श्री चहल ने कहा कि NDMC क्षेत्र एक VIP क्षेत्र है, जहां राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से जुड़े कार्यालय, केंद्रीय मंत्रालय, विदेशी दूतावास तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। ऐसे में यहां निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि RDSS योजना के अंतर्गत Ministry of Power और PFC से NDMC को बड़ी वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है तथा परिषद द्वारा दिनांक 12.12.2024 को M/s Rodic Consultants Pvt. Ltd. को Project Management Agency के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी गई थी।
श्री चहल ने जानकारी दी कि NDMC क्षेत्र में कुल लगभग 4,400 HT पैनल स्थापित हैं, जिनमें से अधिकांश पुरानी तकनीक Bulk Oil Circuit Breaker (BOCB) पर आधारित हैं। ये पैनल तकनीकी रूप से अप्रचलित और जोखिमपूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में नई एवं सुरक्षित Gas Insulated Technology (State-of-the-Art Technology) का उपयोग किया जा रहा है, जो कम स्थान लेती है अपितु पर्यावरण के अनुकूल है तथा प्रदूषण को कम करने में सहायक है। उन्होंने बताया कि ये पैनल लगभग 45 वर्ष पुराने हैं, जबकि इनकी सामान्य कार्य-आयु केवल 25–30 वर्ष होती है।उन्होने कहा की Phase-I के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर 829 पुराने 11 kV पैनलों के प्रतिस्थापन का प्रस्ताव है, जिससे बिजली प्रणाली की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं संचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।इस परियोजना में 60% MOP मंत्रालय 40% NDMC दे रही है जिसके तहत इसे L-1 बोलीदाता को दिया जाएगा । यह प्रस्ताव आगामी परिषद बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
SCADA/DMS और सिस्टम मीटरिंग परियोजना
श्री चहल ने आगे बताया कि बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए SCADA/DMS एवं सिस्टम मीटरिंग से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना भी आगामी परिषद बैठक में लाई जाएगी। इस परियोजना के अंतर्गत जिसमे 60% MOP मंत्रालय 40% NDMC दे रही है जिसके तहत Ministry of Power से स्वीकृति प्राप्त हुई है और इसे L-1 बोलीदाता को दिया जाएगा ।
जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के कार्य
जल आपूर्ति व्यवस्था के संबंध में श्री चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में पानी की आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए पुराने आर.के. आश्रम मार्ग स्थित नव आवंटित प्लॉट पर 24×7 Water Supply Control Room का निर्माण किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम सिंगल-स्टोरी RCC ढांचे का होगा, जिसमें 1 लाख लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड पानी टैंक भी बनाया जाएगा। इस परियोजना पर कुल ₹5.24 करोड़ की लागत आएगी, जिसे आगामी परिषद बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कंट्रोल रूम 24 घंटे, 7 दिन कार्य करेगा, जिससे पानी से जुड़ी शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी और DJB से पानी की कमी या कम सप्लाई की स्थिति में भी NDMC पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित कर सकेगी।श्री चहल ने बताया कि NDMC के पास वर्तमान में 23 वाटर ट्रॉली उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, 9 KL क्षमता के 12 नए वाटर टैंकर खरीदे जा रहे हैं, जिनके लिए GeM पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल, 10 KL क्षमता के 8 वाटर टैंकर 9 महीने के लिए किराये पर संचालित किए जा रहे हैं।
पंडारा रोड क्षेत्र में पाइपलाइन बदलने का कार्य
उन्होंने यह भी बताया कि पंडारा रोड क्षेत्र में पुरानी C.I. पाइपलाइन को D.I. पाइप से बदलने का प्रस्ताव भी आगामी परिषद बैठक में लाया जाएगा। इस इलाके में गंदा अथवा दूषित पानी आने, बार-बार पाइप फटने, लीकेज तथा पानी की सप्लाई में रुकावट की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस परियोजना पर कुल ₹8.01 करोड़ की लागत आएगी। इसके पूरा होने से पंडारा रोड क्षेत्र की जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे लोगों को लगातार एवं स्वच्छ पानी मिलेगा, लीकेज कम होंगे, पानी की बर्बादी रुकेगी और दूषित पानी की समस्या से राहत मिलेगी।श्री चहल ने कहा कि ये सभी प्रमुख प्रस्ताव अगली परिषद बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे और बैठक के सर्वसहमति से पास किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप नई दिल्ली क्षेत्र के नागरिकों एवं आगंतुकों को बेहतर, आधुनिक और विश्वसनीय नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।