एनबीसीसी द्वारा विश्व-स्तरीय वैश्विक स्वास्थ्य धरोहर की सुपुर्दगी: पुनर्विकसित डब्ल्यूएचओ– एसईएआरओ मुख्यालय का उद्घाटन किया गया

इंद्रप्रस्थ एस्टेट, नई दिल्ली स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन – दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (डब्ल्यूएचओ– एसईएआरओ) के पुनर्विकसित मुख्यालय का उद्घाटन 19 दिसंबर 2025  को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस, महानिदेशक, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया गया। यह उद्घाटन 17–19 दिसंबर 2025 के दौरान नई दिल्ली में आयोजित द्वितीय डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के समापन समारोह के अवसर पर संपन्न हुआ। यह उद्घाटन श्री जे. पी. नड्डा, माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा माननीय केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री और श्री प्रतापराव जाधव, माननीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं माननीय राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, आयुष मंत्रालय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह उद्घाटन वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एकीकृत करने में उसके नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है।

यह प्रमुख पुनर्विकास भारत की प्रमुख नवरत्न सीपीएसई, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा निष्पादित किया गया और यह देश की क्षमता का प्रतीक है कि वह अंतरराष्ट्रीय महत्व की विश्व-स्तरीय संस्थागत अवसंरचना प्रदान कर सकता है, जिसमें आधुनिक डिजाइन, संधारणीय और विरासत संरक्षण का समन्वय शामिल है। इस पुनर्विकास ने वर्ष 1962 की मूल संरचना को  आधुनिक, भविष्य-उन्मुख और संधारणीय संस्थागत परिसर में रूपांतरित कर दिया है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है। डब्ल्यूएचओ–एसईएआरओ कार्यालय के अलावा, यह भवन   भारत कंट्री ऑफिस भी होगा।

डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस, महानिदेशक, डब्ल्यूएचओ, श्री जे. पी. नड्डा, माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री, श्री प्रतापराव जाधव, माननीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वरिष्ठ अधिकारीगण और विदेशी प्रतिनिधियों सहित गणमान्य अधिकारीगणों ने उद्घाटन के बाद डब्ल्यूएचओ–एसईएआरओ  के पुनर्विकसित मुख्यालय का दौरा किया।यह परियोजना जनवरी 2019 में एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, जो डब्ल्यूएचओ–एसईएआरओ का प्रतिनिधित्व करता है, के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत कार्यान्वित की गई थी। एनबीसीसी ने इसके मूल भवन के स्थान पर ही नए भवन का निर्माण कर भूमि का इष्टतम उपयोग किया है। इसके परिणामस्वरूप, निर्मित क्षेत्रफल में चार गुना वृद्धि (पहले लगभग 10,500 वर्ग मीटर से अब 40,500 वर्ग मीटर) हुई है और बैठने की क्षमता लगभग दोगुनी (अब 600 से अधिक) हो गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह सुविधा क्षेत्र की वर्तमान और भविष्य दोनों आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है।

नवीनतम पुनर्विकसित डब्ल्यूएचओ– एसईएआरओ परिसर में एक बहुमंजिला कार्यालय विकास के साथ एक सामान्य पोडियम और तीन आपस में जुड़े टावर शामिल हैं, जिसकी ऊँचाई लगभग 82.7 मीटर है। यह परिसर उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय बैठकें, नीतिगत विचार-विमर्श और प्रशासनिक प्रकार्यों को सुगम बनाने हेतु डिज़ाइन किया गया है और कार्यक्षमता, सुविधा और कलात्मकता का सहज मिश्रण प्रस्तुत करता है।इस परियोजना में लगभग 13,800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का तीन-स्तरीय बेसमेंट भी शामिल है, जो भवन सेवाओं और पार्किंग हेतु स्थान प्रदान करता है। पुनर्विकास में संधारणीयता एक मुख्य केंद्र बिंदु रही है। इस परिसर में वर्षा जल संचयन, जल शोधन और पुन: उपयोग प्रणाली, ऊर्जा-दक्ष लाइटिंग और एचवीएसी प्रणाली तथा  100 किलोवाट का रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक इंस्टॉलेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लैंडस्केपिंग के लिए ड्रिप इरिगेशन प्रणाली और कम जल आवश्यकताओं वाले देशी पौधों का उपयोग किया गया है, जिससे दीर्घकालिक जल संरक्षण और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार स्थल विकास को बढ़ावा मिलता है।मुख्य सुविधाओं में विशाल डबल-हाइट एंट्रेंस लॉबी200 सीट वाला ऑडिटोरियम और कॉन्फ़्रेंस हॉल, आधुनिक कार्यालय क्षेत्र, प्रत्येक कार्यालय तल पर मेज़ेनाइन फ्लोर और पेंट्री सुविधा, स्टाफ कैफेटेरिया, ब्रेकआउट क्षेत्र, टैरेस गार्डन,  जिम्नेशियम और उन्नत वर्टिकल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम शामिल हैं। पुराने भवन की विरासत तत्वों, जिनमें  1963 में  प्रसिद्ध  कलाकार एम.एफ. हुसैन द्वारा बनाई गई भव्य भित्ति चित्र, जो मूल डब्ल्यूएचओ–एसईएआरओ भवन के एक वर्ष बाद बनाई गई थी और पुर्तगाली टाइल भित्ति चित्र शामिल हैं, को सावधानीपूर्वक पुनः स्थापित किया गया और नई संरचना में समेकित किया गया, जिससे इसके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हुआ।पुनर्विकसित डब्ल्यूएचओ–एसईएआरओ भवन आज भारत की अवसंरचना उत्कृष्टता और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य नेतृत्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर मौजूद है। इस प्रतिष्ठित परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करके, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह जटिल, उच्च-मूल्य वाली परियोजनाओं को सटीकता, संधारणीयता और वैश्विक प्रासंगिकता के साथ निष्पादित करने में सक्षम है और एक आधुनिक केंद्र का निर्माण किया है जो दक्षिण-पूर्व एशिया भर में लाखों लोगों को लाभ पहुँचाने वाली स्वास्थ्य पहलों का समर्थन करेगा।

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