एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को ओडिसा स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आई.आई.एम.) संबलपुर के स्थायी परिसर के चरण – II अवसंरचना विकास का कार्य सौंपा गया है। एनबीसीसी आई.आई.एम. संबलपुर के चरण – I अवसंरचना विकास कार्य को निष्पादित कर चुका है, जिसका उद्घाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिनांक 03.02.2024 को किया गया था। चरण–II के विकास की लागत लगभग ₹180 करोड़ होने की उम्मीद है।
महत्वाकांक्षी चरण–II विकास एक भविष्योन्मुखी, एकीकृत शैक्षणिक एवं आवासीय पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना करता है जो अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, संधारणीयता और विश्वस्तरीय परिसर आयोजना का समन्वय होगा। इस परियोजना में उन्नत कक्षाओं और संकाय केबिनों से युक्त जी+2 शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण शामिल है, साथ ही सात छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा जिसमें छह जी+5 और एक जी+3 होंगे—जो एकल एवं दोहरी आवास व्यवस्था के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो कि छात्रों के लिए आधुनिक और आरामदायक आवास सुविधा को सुनिश्चित करता है।
शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त परिसर जीवन को सुदृढ़ करते हुए, इस विकास में मेस एवं भोजनालय ब्लॉक, खेल परिसर, केंद्रीय भंडार तथा हाई मास्ट लाइटिंग से सुसज्जित क्रिकेट मैदान शामिल है। परिसर अनुभव को और बेहतर बनाते हुए, कार्यक्षेत्र में 4-होल गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, ग्रीनहाउस, ऑर्गेनिक फार्मिंग एवं नर्सरी सुविधाएँ, तालाब का विकास एवं सौंदर्यीकरण तथा परिसर की सीमा के साथ परिधीय सड़क सहित व्यापक साइट विकास कार्य भी शामिल हैं।
यह परियोजना मजबूत कोर अवसंरचना को भी एकीकृत करती है, जिसमें भूमिगत जल टैंक (यू.जी.टी.), 100 के.एल.डी. क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) तथा कंट्रोल रूम सहित 2000 के.वी.ए., 33/0.433 के.वी. सबस्टेशन शामिल हैं, जो विश्वसनीयता, दक्षता और दीर्घकालिक प्रचालनात्मक सुदृढ़ता सुनिश्चित करते हैं।
प्रतिष्ठित गृहा (जीआरआईएचए) 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया यह परिसर संधारणीय संस्थागत विकास के क्षेत्र में एक मानक के रूप में स्थापित होगा। परियोजना सुपुर्दगी में निष्पादन के दौरान सटीकता, दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बी.आई.एम. आधारित अनुवीक्षण को लागू किया जाएगा।
एनबीसीसी के कार्यक्षेत्र में आद्योपांत विद्युत प्रणालियां, अर्थिंग एवं लाइटनिंग सुरक्षा, वी.आर.वी./वी.आर.एफ. आधारित एच.वी.ए.सी. समाधान, प्लंबिंग एवं सैनिटरी संस्थापना तथा समग्र अग्नि सुरक्षा प्रणालियां भी शामिल हैं, जिन्हें अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (आई.बी.एम.एस.) के माध्यम से निर्बाध रूप से एकीकृत किया जाएगा।
पूर्ण होने पर, चरण – II अवसंरचना एक स्मार्ट, संधारणीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिसर प्रदान करेगी, जो आई.आई.एम. संबलपुर की शैक्षणिक दृष्टि को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संपूर्ण देश में जटिल एवं उच्च प्रभाव वाले शैक्षणिक अवसंरचना परियोजनाओं के निष्पादन में एनबीसीसी की अद्वितीय विशेषज्ञता को भी प्रदर्शित करेगी।