ढाडी कौमी इतिहास और भावनाओं को वीर रस के साथ प्रसंगों के माध्यम से संगत को गुरु इतिहास से जोड़ते हैं।

ढाडियों की विरासत का पौधा मीरी-पीरी के मालिक साहिब छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद जी ने…