नौरोजी नगर का पुनर्विकास पहले ही पूर्ण कर लिया है, जिसका उद्घाटन जनवरी 2025 में किया गया था।

माननीय प्रधानमंत्री ने सरोजिनी नगर और कस्तूरबा नगर, नई दिल्ली में जीपीआरए क्वार्टर्स तथा नेताजी नगर, नई दिल्ली में जनरल पूल कार्यालय आवास के तीन टावरों का उद्घाटन किया। इन उद्घाटन परियोजनाओं से सरकारी आवास और कार्यालय पूल में 2,700 से अधिक आधुनिक आवासीय इकाइयां और महत्वपूर्ण कार्यालय अवसंरचनाओं में वृद्धि हो जाएगी। उद्घाटन के अलावा, नेताजी नगर, सरोजिनी नगर, श्रीनिवासपुरी और कस्तूरबा नगर में 6600 से अधिक जीपीआरए फ्लैटों और सरोजिनी नगर में भारत बिजनेस पार्क के 8 टावरों का शिलान्यास भी किया गया।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा सरोजिनी नगर, नई दिल्ली में विकसित भारत बिजनेस पार्क, आधुनिक वाणिज्यिक कार्यालय परिसर है जिसे संधारणीय और ऊर्जा-कुशल सुविधाओं के साथ विश्वस्तरीय कार्यालय अवसंरचना प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कार्यस्थल की कार्यक्षमता, सुरक्षा और संधारणीयता के समकालीन मानकों को प्राप्त करने के लिए विकसित इस परियोजना में वाणिज्यिक कार्यालय स्थान का लगभग 2.17 लाख वर्गमीटर का कुल निर्मित क्षेत्रफल शामिल है।

भवन सेवाओं का कुशल प्रचालन और अनुवीक्षण सुनिश्चित करने हेतु इस परिसर में ऊर्जा-कुशल चिलर और इंटेलिजेंट भवन प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) द्वारा समर्थित केंद्रीकृत वातानुकूलन प्रणाली लगाई जाएगी। इसमें अग्नि सुरक्षा प्रणाली, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली और एकीकृत सीसीटीवी निगरानी सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। अधिभोगियों के लिए निर्बाध प्रचालन सुनिश्चित करने हेतु यह सुविधा डीजी सेट और यूपीएस सिस्टम के माध्यम से 100 प्रतिशत पावर बैकअप प्रदान करेगी। संधारणीय विकास कार्य पद्धतियों के अनुसरण में, इस परियोजना में सोलर रूफटॉप पैनल, ऊर्जा अनुवीक्षण प्रणाली, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधाएं और 17 वर्षा जल संचयन रिचार्ज पिट्स शामिल होंगे। यह इमारत GRIHA मानक के अनुरूप डिज़ाइन की गई है, जो हरित भवन मानकों के अनुपालन को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, इस परिसर में अधिभोगियों और आगंतुकों के लिए पर्याप्त पार्किंग अवसंरचना प्रदान करते हुए 2,800 से अधिक वाहनों को पार्क करने की क्षमता वाले तीन मंजिला बेसमेंट पार्किंग की सुविधा है। एनबीसीसी द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में शुरू की गई महत्वपूर्ण वाणिज्यिक अवसंरचना परियोजनाओं में से एक, भारत बिजनेस पार्क परियोजना का अनुमानित मूल्य लगभग ₹2,270 करोड़ है।

यह उल्लेख करना प्रासंगिक है कि एनबीसीसी पुनर्विकास मॉडल में अग्रणी रहा है। सरकारी आवासों के पुनर्विकास की यात्रा न्यू मोतीबाग और ईस्ट किदवई नगर की सफल परियोजनाओं के साथ शुरू हुई।

जीपीआरए पुनर्विकास कार्यक्रम एनबीसीसी द्वारा विकसित एक नवोन्मेषी स्व-संधारणीय पुनर्विकास मॉडल का अनुसरण करता है। इस दृष्टिकोण के तहत, पुरानी सरकारी कॉलोनियों को आधुनिक आवासीय परिसरों में पुनर्विकसित किया जाता है, वाणिज्यिक परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया जाता है और उससे प्राप्त राजस्व का उपयोग पुनर्विकास के वित्तपोषण में किया जाता है। यह मॉडल सरकारी बजट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना बड़े पैमाने पर पुनर्विकास को सक्षम बनाता है और एक ऐसा ढांचा प्रदान करता है जिसे भारत के अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है। भारत सरकार के लिए एनबीसीसी सभी 7जीपीआरए परियोजनाओं को पूरा करने हेतु, जिनमें सीपीडब्ल्यूडी द्वारा निष्पादित परियोजनाएं भी शामिल हैं, निधि सृजित कर रहा है।

निर्माण और वित्तीय क्षेत्र में अब तक निरंतर प्रगति हासिल करने के साथ जीपीआरए की 7 कॉलोनियों का पुनर्विकास तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। अभी तक, सभी 7 कॉलोनियों में 25 लाखवर्ग मीटर से अधिक का निर्मित क्षेत्रफल (बीयूए) पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।

पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत अब तक 7 कॉलोनियों में 3.55 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया गया है, जिसमें से एनबीसीसी ने अपनी तीन आबंटित कॉलोनियों में 3 करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया है। इन कॉलोनियों में, एनबीसीसी द्वारा निष्पादित सरोजिनी नगर का पुनर्विकास में सबसे बड़ा हिस्सा है, उसके बाद नेताजी नगर और कस्तूरबा नगर है, जो इस कार्यक्रम के तहत बनाए जा रहे व्यापक आवासीय और वाणिज्यिक अवसंरचना को दर्शाता है।

जीपीआरए कॉलोनियों का पुनर्विकास राष्ट्रीय राजधानी में शुरू की गई सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास पहलों में से एक है, जो निर्माण और संबद्ध क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करते हुए आधुनिक सरकारी आवास, बेहतर शहरी अवसंरचना, रोजगार सृजन और सरकारी खजाने में पर्याप्त राजस्व का योगदान प्रदान करता है।