सेशेल्स गणराज्य के उपराष्ट्रपति, महामहिम श्री सेबेस्टियन पिल्लै ने एनबीसीसी के निगमित कार्यालय का दौरा किया।

सेशेल्स गणराज्य के उपराष्ट्रपति, महामहिम श्री सेबेस्टियन पिल्लै ने एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए नई दिल्ली में एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के निगमित कार्यालय का दौरा किया। सेशेल्स प्रतिनिधिमंडल ने श्री के. पी. महादेवास्वामी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारिगणों के साथ सेशेल्स की परियोजनाओं के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया।

बैठक के दौरान, प्रतिनिधिमंडल को द्वीप के लगभग 139 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए अवसंरचना विकास की रूपरेखा प्रस्तुतीकरण में व्यापक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रस्तावित विकास परियोजना में किफायती सामाजिक आवास, मनोरंजन एवं आतिथ्य सत्कार, प्रीमियम विला, खेल मैदान एवं सामाजिक अवसंरचना आदि शामिल होंगे। यह दौरा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी द्वारा इस वर्ष जनवरी में सेशेल्स की अपनी यात्रा के दौरान सेशेल्स सरकार के साथ पूर्ववर्ती उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श पर आधारित है। प्रतिनिधिमंडल को एनबीसीसी द्वारा हुलहुमाले, मालदीव्स में 2000 सामाजिक आवास परियोजना के सफल निष्पादन को दिखाकर एनबीसीसी की क्षमताओं से भी अवगत कराया गया। यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि परियोजना को पूर्ण करने में भारत से प्राप्त कुशल कार्यबल और निर्माण सामग्री ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उपराष्ट्रपति और प्रतिनिधिमंडल ने एनबीसीसी की क्षमताओं पर अपना विश्वास व्यक्त किया तथा बैठक के दौरान प्रस्तुतीकरण में प्रदर्शित किए गए प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ने संबोधित करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले संधारणीय अवसंरचना समाधान प्रदान करने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और कई क्षेत्रों में सेशेल्स गणराज्य के साथ सहयोग को और अधिक मजबूत करने में विश्वास व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एनबीसीसी सेशेल्स में भारतीय चान्सरी भवन के निर्माण के साथ-साथ एक सांस्कृतिक केंद्र और आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य निष्पादित कर रहा है, जो द्वीप राष्ट्र के साथ द्विपक्षीय संबंधों और विकास साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उपराष्ट्रपति महामहिम श्री पिल्लै का यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत और स्थायी साझेदारी को रेखांकित करता है तथा अवसंरचना विकास को संवर्धित करने के साझा दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।