मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए डबल इंजन सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य सरकार ने किसान, पशुपालक और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है। इसी क्रम में सबसे पहले पानी-बिजली की आवश्यकता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने एवं नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की। साथ ही, विद्यार्थियों की मांग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, जीव विज्ञान एवं कृषि विज्ञान संकाय खोले जाने का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए जल उपलब्धता का रोडमैप बनाया। इसके तहत दशकों से अटकी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी रोडमैप बनाकर ठोस कदम उठाए गए हैं। ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से हम ऊर्जादाता भी बने हैं। वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है तथा अब तक 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि दी। वहीं, राज्य सरकार भी 3 हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं जैविक खेती के जरिए अच्छी पैदावार से किसान अपनी आय को बढ़ाएं। स्थानीय कृषि उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना से किसानों का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। साथ ही, रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को मजबूत बनाया जा रहा है। दूध की प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता एवं दूध संकलन केंद्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को आर्थिक संबल मिला है। हमारी सरकार ने पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण के संकल्प के साथ हमने ढाई वर्ष में 1.25 लाख पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। इसी प्रकार 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और सवा लाख पदों पर भर्ती कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पेपरलीक पर लगाम लगाई है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया। इसमें 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। जिनमें से अब तक 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए युवा नीति भी जारी की है। योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री का किसानों से संवाद—
किसान हरफूल ने बताया कि मैंने पॉलीहाउस, सोलर एवं फव्वारा योजना का लाभ लिया है। इन योजनाओं के माध्यम से आधुनिक खेती करना आसान हुआ है, विशेषकर पॉलीहाउस के जरिए खीरे की खेती से मेरी अच्छी आय हुई है।
किसान पुरूषोत्तम ने कहा कि उद्यानिकी विभाग से योजनाओं की जानकारी लेकर आंवला और नींबू की बागवानी से मेरी अच्छी आय हो रही है। आंवला की प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी भी कर रहा हूं। फिलहाल मेरी 30 से 35 लाख रुपये की आय हो रही है।
किसान ओमप्रकाश ने बताया कि पहले परंपरागत खेती की वजह से पूरे दिन खेतों में सिंचाई के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन ड्रिप योजना का लाभ लेकर समय के साथ पानी की भी बचत हुई है। साथ ही, इस योजना के लाभ से उत्पादन भी बढ़ा है।
किसान रामलाल ने कहा कि कृषि विभाग से संपर्क कर तारबंदी योजना का लाभ लिया है। पहले उपज में नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब खेती सुरक्षित होने से अच्छी पैदावार मिल रही है।
किसान भंवरी देवी ने बताया कि परंपरागत कृषि विकास योजना का लाभ लेकर मेरी आय में बढ़ोतरी हुई है। इस योजना के कारण खेती की लागत में भी कमी आई है।
किसान गोपाल ने कहा कि मैं जैविक खाद के जरिये बागवानी कर रहा हूं। इससे मुझे पपीता की अच्छी पैदावार मिल रही है और मेरी आय बढ़ी है। मैं मंगला पशु बीमा योजना के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद देता हूं।
मुख्यमंत्री का पशुपालकों, युवाओं एवं बुजुर्गों से संवाद—
9वीं कक्षा की छात्रा और पर्यावरण प्रेमी श्रेया कुमावत ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने संवाद कर उसका उत्साहवर्धन किया। श्रेया ने बताया कि वह पौधारोपण, ऑर्गेनिक गार्डनिंग, रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही कैंसर मरीजों को बाल डोनेट के लिए कार्य करती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अब तक 50 हजार पौधों एवं 25 हजार सीड बॉल्स का निःशुल्क वितरण किया है। वहीं, 2 हजार 100 से अधिक वृक्षारोपण के अतिरिक्त 1 हजार पक्षी घर भी तैयार किए हैं। साथ ही, 5 हजार बच्चों की ग्रीन आर्मी तैयार कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है।
पशुपालक बालू गुर्जर ने कहा कि मुझे राज्य सरकार की योजनाओं का बहुत लाभ मिला है। मैं सरस डेयरी में दूध बेचता हूं और 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान से मेरी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मोबाइल वेटरनरी यूनिट का भी निरंतर लाभ मिल रहा है।
पशुपालक सीताराम शर्मा ने बताया कि मेरी एक भैंस गत वर्ष मर गई थी, लेकिन राज्य सरकार की मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत मुझे 40 हजार रुपये की मुआवजा राशि मिलने से मेरे परिवार को आर्थिक संबल मिला है।
तीर्थयात्री विमला ने बताया कि राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत पति सियाराम के साथ मुझे हवाई यात्रा के जरिए नेपाल जाने का अवसर मिला। इस यात्रा में सभी सुविधाएं भी मिली, इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद।आरएएस भर्ती-2024 में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नवनीत ने पारदर्शिता से भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
सहायक प्रोफेसर भर्ती, भूगोल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नरेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने पेपरलीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर समयबद्ध भर्ती परीक्षा का आयोजन किया, जिससे मेरा सरकारी नौकरी का सपना साकार हुआ है। इससे हमारा भरोसा भी मजबूत हुआ है, मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक जब्बर सिंह सांखला, गोपाल लाल शर्मा, उदयलाल भडाना, अशोक कुमार कोठारी, लालाराम बैरवा, गोपीचन्द मीणा, लादु लाल पितलिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।