उन्नाव बलात्कार कांड के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले के खिलाफ संघर्षशील महिला केंद्र (सी.एस.डब्ल्यू.) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन!

संघर्षशील महिला केंद्र (सी.एस.डब्ल्यू.) के कार्यकर्ताओं ने आज अन्य प्रगतिशील महिला संगठनों के साथ मिलकर जंतर-मंतर पर भाजपा नेता और उन्नाव  बलात्कार कांड के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि सेंगर को दिसंबर 2019 में ट्रायल कोर्ट द्वारा पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उसे पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत का भी दोषी पाया गया था। हालांकि, बीते मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा को निलंबित कर उसे जमानत दे दी, जो बेहद चिंताजनक है।

हाईकोर्ट का यह फैसला देश की न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है, खासकर जब मामला शक्तिशाली राजनीतिक संरक्षण वाले लोगों से जुड़ा हो। हमने हाल ही में देखा है कि  प्रभावशाली समुदायों और वर्गों से जुड़े और सत्ताधारी पार्टी के करीबियों को बचाने की कोशिश की जाती है, जबकि पीड़िताओं को बदनाम किया जाता है। इस तरह के भय-मुक्त माहौल और छूट की संस्कृति ने अपराधियों में यह सोच पैदा कर दी है कि अगर वे प्रभावशाली वर्गों और जातियों से हैं, तो वे कोई भी अपराध करके बच सकते हैं, और शासन-प्रशासन इसमें उनका साथ देंगे। यह महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के एकदम विपरीत है।

सी.एस.डब्ल्यू. यह मांग करता है कि कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत तत्काल रद्द की जाए और उसकी उम्रकैद की सजा तुरंत बहाल की जाए। महिला संगठन अपराधियों को प्रोत्साहित करने वाले इस बेखौफ माहौल को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग करता है। सी.एस.डब्ल्यू. उन्नाव बलात्कार पीड़िता और देश-भर की सभी पीड़िताओं के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेगा। संगठन उनके साथ मज़बूती से खड़ा है और हर महिला के लिए न्याय, गरिमा और समानता सुनिश्चित होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगा।