इस भव्य आयोजन में केंद्र एवं राज्य सरकारों के अनेक माननीय मंत्रीगण उपस्थित रहे, जिनमें भारत सरकार के केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी यमुना साधकों को मां यमुना जी की स्वच्छता, निर्मलता, अविरलता की शपथ दिलायी। साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि माँ यमुना का संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें सरकार और समाज दोनों की सहभागिता आवश्यक है। साथ ही इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। माननीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा जी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मां यमुना को सुरक्षित रखना और उसकी अविरल धारा को निरंतर बहते रखना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। इस कार्यक्रम ने यमुना संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। साथ ही उन्होंने पत्रकारों के माध्यम से यह भी बताया कि यमुना परिवार काउंसिल के अथक प्रयासों तथा सरकार के सहयोग तथा स्थानीय निवासियों एवं दिल्ली की जनता का भी मां यमुना जी को स्वच्छ, निर्मल व साफ बनाने के लिए सहयोग होना चाहिए। साथ ही गांधी स्मृति के उपाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विजय गोयल जी भी इस कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज करायी। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि यमुना परिवार काउंसिल द्वारा आयोजित ‘यमुना संगम’ एक आत्मिक शांति प्रदान करने वाला कार्यक्रम रहा। साथ ही मां यमुना जी के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक एवं जन जागरूकता का आयोजन वास्तव में सचमुच प्रेरणादायी रहा। इस पावन अवसर पर चांदनी चौक से निगम पार्षद श्री सुमन गुप्ता, मध्य जोन की चेयरमैन व कालकाजी की निगम पार्षद श्रीमती योगिता सिंह सहित अनेकों शासकीय एवं प्रषासकीय अधिकारी मंच पर उपस्थित रहे। इस भव्य व दिव्य कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री कन्हैया मित्तल जी ने अपनी भजन प्रस्तुति से यमुना भक्तों को बेहद मंत्रमुग्ध कर, झूमने पर मजबूर कर दिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से यमुना परिवार काउंसिल के निदेशक कपिल गर्ग ने बताया कि ‘हमारी यमुना, हमारी ज़िम्मेदारी’ केवल नारा नहीं, बल्कि एक सतत जन-आंदोलन है, जिसके माध्यम से समाज को माँ यमुना के संरक्षण के लिए एकजुट किया जा रहा है। यह सम्पूर्ण आयोजन स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ तथा यमुना परिवार काउंसिल के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से सफल बना। इस ऐतिहासिक आयोजन का सफल संचालन निदेशक श्री कपिल गर्ग, विपणन प्रमुख श्रीमती कंचन गर्ग, महाआरती संयोजक श्री राहुल गुप्ता व महाआरती सह-संयोजक श्री मुकेश सोलंकी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में यमुना परिवार काउंसिल के मंच से सभी यमुना साधकों से यह अपील की गई कि वे अधिक से अधिक संख्या में मां यमुना जी की स्वच्छता, निर्मलता व अविरलता के लिए इस अभियान से जुड़ें और ‘हमारी यमुना, हमारी ज़िम्मेदारी’ के संकल्प के साथ अपना योगदान सुनिश्चित करें। जब नदियां स्वच्छ रहेंगी तभी मानव का जीवन स्वस्थ रह सकता है। कार्यक्रम के अंत में मां यमुना जी की महाआरती की गई और यमुना जी के जयघोषों से कार्यक्रम का समापन हुआ।
दिल्ली के गांधी म्यूजियम, राजघाट में यमुना परिवार काउंसिल द्वारा भव्य ‘यमुना संगम’ कार्यक्रम हुआ सम्पन्न (माँ यमुना की अविरलता, निर्मलता एवं स्वच्छता के लिए भारी संख्या में पहुंचे यमुना साधक
यमुना परिवार काउंसिल एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के संयुक्त तत्वावधान में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जन्म शताब्दी जयंती के पावन अवसर पर भव्य व दिव्य ‘यमुना संगम’ कार्यक्रम का ऐतिहासिक आयोजन रविवार, 28 दिसंबर 2025 को दोपहर 1ः30 बजे से बिरसा मुंडा लॉन, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, गांधी दर्शन, राजघाट, नई दिल्ली में अत्यंत भव्यता व दिव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि माँ यमुना जी की अविरलता, निर्मलता एवं स्वच्छता के लिए समर्पित एक राष्ट्रव्यापी चेतना, सांस्कृतिक संकल्प एवं सामाजिक अभियान के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के यमुना साधकों, संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों का पावन संगम देखने को मिला, जिसे ‘यमुना उत्सव’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में देशभर से पधारे पूज्य संत-महात्मा, साधु-संत, महामंडलेश्वर, पीठाधीश्वर एवं धर्माचार्यगणों ने माँ यमुना के संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना एवं पर्यावरणीय दायित्व पर अपने प्रेरक आशीर्वचन प्रदान किए तथा विभिन्न आध्यात्मिक आश्रमों एवं संस्थानों से पधारी साध्वी माताओं ने नारी-शक्ति, संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। इस दिव्य व भव्य कार्यक्रम के माध्यम से यमुना गायन, संत समागम, यमुना प्रदर्शनी एवं यमुना जी पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से माँ यमुना के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को प्रभावशाली रूप से जन-जन तक पहुँचाया गया। इस अवसर पर अहमदाबाद, गुजरात से सुप्रसिद्ध कथावाचक परम् पूज्य वैष्णव हृदय सम्राट वैष्णवाचार्य 108 श्री यदुनाद जी महोदयश्री ने अपने श्रीमुख से मां यमुना कथा का दिव्य यशोगान कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अपने उदबोधन में उन्होंने कहा कि मां यमुना केवल एक नदी नहीं अपितु पुष्टि मार्ग की आत्मा और जीवनधारा हैं, जिनसे पुष्टिमार्गीय भक्ति सेवा और भाव का गहरा एवं अटूट संबंध है। साथ ही पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ‘मुनी जी’ ने समाज को यमुना जी के शुद्धिकरण एवं संरक्षण का सशक्त संदेश दिया तथा वर्तमान समय की इसे सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।