भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए भारत सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए ₹10,000 करोड़ के ‘फंड ऑफ फंड्स’ को नामित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय देशभर में उद्यमिता को सशक्त बनाने और उच्च क्षमता वाले उपक्रमों को विस्तार देने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। इसकी घोषणा भारत सरकार के डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव श्री संजीव सिंह ने 13 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित फिक्की–मर्सिडीज-बेंज इंडिया भारत इनोवेशन एवं बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज कार्यक्रम के दौरान की।
यह राष्ट्रीय पहल विनिर्माण, स्थिरता, डीकार्बोनाइजेशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। कार्यक्रम का समापन 32 शॉर्टलिस्टेड फाइनलिस्ट्स में से विजेताओं के चयन के साथ हुआ।
₹10,000 करोड़ के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा करते हुए श्री संजीव सिंह ने कहा कि यह निर्णय भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार और परिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि जब 2016 में ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान शुरू हुआ था, तब लगभग 400 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स थे और अपेक्षाकृत कम राशि का फंड भी महत्वपूर्ण माना जाता था। आज ₹10,000 करोड़ के फंड का नामांकन सरकार के इस विश्वास को दर्शाता है कि भारत नवाचार और उद्यमिता में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर श्री सिंह ने सात विजेता स्टार्टअप्स को ₹30-30 लाख के चेक भी प्रदान किए, जो नवाचार, उद्यमिता और उद्योग–सरकार सहयोग को मजबूत करने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह घोषणा फिक्की–मर्सिडीज-बेंज इंडिया भारत इनोवेशन एवं बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज कार्यक्रम के पुरस्कार समारोह के दौरान की गई, जहां अंतिम 32 शॉर्टलिस्टेड स्टार्टअप्स में से छह विजेताओं का चयन किया गया।
श्री सिंह ने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में सफलता कभी रातोंरात नहीं मिलती, बल्कि यह वर्षों की मेहनत, सीख और धैर्य का परिणाम होती है। भारत की समृद्ध उद्यमशील और नवाचार परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की उद्यमशीलता की भावना गहरी सभ्यतागत जड़ों से जुड़ी है और आज के संस्थापक उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूंजी महत्वपूर्ण है, लेकिन सतत विकास, सुशासन, अनुशासन और मूल्य सृजन ही दीर्घकालिक संस्थानों के निर्माण की आधारशिला हैं।
दिसंबर 2025 में फिक्की और मर्सिडीज-बेंज इंडिया की साझेदारी में शुरू की गई इस पहल के तहत 2026 संस्करण के विजेताओं की घोषणा की गई, जिनमें CarbonM Fuelmax Technology Private Limited, Exobot, AmpCycle, Dexsent Robotics Private Limited, CALLX RINGERS PRIVATE LIMITED और X Able शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मर्सिडीज-बेंज इंडिया के कार्यकारी निदेशक एवं संचालन प्रमुख श्री व्यंकटेश कुलकर्णी ने कहा कि भारत में नवाचार अब एक प्रवृत्ति नहीं बल्कि राष्ट्रीय शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मर्सिडीज-बेंज इंडिया नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उद्यमिता को प्रोत्साहित कर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में सार्थक योगदान देना चाहता है।
उन्होंने कहा कि 32 शॉर्टलिस्टेड स्टार्टअप्स ने वास्तविक समस्याओं के समाधान के प्रति असाधारण जिज्ञासा, साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है। उनके विचार उद्योगों को प्रभावित करने और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार में भारत की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मर्सिडीज-बेंज की शुरुआत भी 140 वर्ष पहले एक स्टार्टअप के रूप में हुई थी और कंपनी आज भी उभरते नवाचारों के साथ सहयोग कर भविष्य की मोबिलिटी को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस समारोह में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और उद्यमियों ने भाग लिया, जिससे भारत की नवाचार यात्रा को गति देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के महत्व को बल मिला। ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए, भारत इनोवेशन एवं बिज़नेस आइडियाज़ चैलेंज कार्यक्रम और नव-नामित ₹10,000 करोड़ फंड ऑफ फंड्स देश की आर्थिक वृद्धि, तकनीकी नेतृत्व और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।