माननीय उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना ने असिता में डीडीए के ‘पलाश महोत्सव 2026’ का उद्घाटन किया

माननीय उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना ने आज यमुना बाढ़ क्षेत्र के पुनर्स्थापित हिस्से असिता में डीडीए के ‘पलाश महोत्सव 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थल पर विकसित नए साइकिल ट्रैक का भी उद्घाटन किया, जो पर्यावरण-अनुकूल आवागमन और हरित सार्वजनिक स्थलों से सार्थक जुड़ाव के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर डीडीए के उपाध्यक्ष श्री एन. सरवण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

दिनांक 14–16 फरवरी के दौरान बांसेरा (बिरसा मुंडा चौक), अशोक गार्डन (अशोक विहार), लाला हरदयाल पार्क (जसोला) और स्मृति वन (नरेला) में उत्साहपूर्ण जन भागीदारी के बाद यह महोत्सव अब दिनांक 21 से 23 फरवरी तक असिता में अपने अंतिम और सबसे विस्तृत चरण में प्रवेश कर रहा है। इस अंतिम चरण में भव्य पुष्प प्रदर्शनी, व्यवस्थित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, थीम आधारित व्यंजन और सहभागितापूर्ण सार्वजनिक गतिविधियाँ सम्मिलित हैं, जो प्रकृति, कला और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से वसंत के आगमन का उत्सव मनाती हैं।

इस अवसर पर माननीय उपराज्यपाल ने कहा, “सार्वजनिक स्थलों पर मौसमी पुष्प परिदृश्य का व्यापक विस्तार समावेशी शहरी सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि असिता का जर्जर भूभाग आज इतना जीवंत और सुंदर भू-दृश्य बन जाएगा। ऐसे प्रयास प्रकृति को नागरिकों के समीप लाते हैं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं। मैं डीडीए को हरित सार्वजनिक स्थलों के सृजन और संरक्षण के निरंतर प्रयासों के लिए बधाई देता हूँ, जो शहर में जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं।”

डीडीए के माननीय उपाध्यक्ष ने कहा, “इस महोत्सव का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से पुनः जोड़ना है, क्योंकि दिल्ली विकास प्राधिकरण राष्ट्रीय राजधानी में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने परिवारों के साथ आकर प्रकृति की गोद में आयोजित इस जीवंत और रंगीन उत्सव का आनंद लें।”

माननीय उपराज्यपाल की पहल के अंतर्गत ट्यूलिप को ‘पलाश महोत्सव’ की एक प्रमुख विशेषता के रूप में सम्मिलित किया गया है, जिससे दिल्ली का पुष्प भू-दृश्य पारंपरिक लुटियंस दिल्ली से आगे बढ़कर व्यापक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है। पहले ट्यूलिप मुख्यतः लुटियंस क्षेत्र की चुनिंदा सड़कों तक सीमित थे, पर अब वे महोत्सव के माध्यम से एक सुलभ सार्वजनिक आकर्षण के रूप में उभर रहे हैं, जो समावेशी शहरी सौंदर्यीकरण का प्रतीक है।

इस वर्ष डीडीए द्वारा पूरे शहर में लगभग दो लाख ट्यूलिप लगाए गए हैं, जिनमें शिवाजी मार्ग में डीडीए ग्रीन, अशोक विहार फेज-4 (अशोक गार्डन), दरबार खान वाला बाग नर्सरी, लाला वाला बाग पीतमपुरा, सेक्टर-10 रोहिणी में स्वर्ण जयंती पार्क, सेक्टर-11, रोहिणी, रॉक गार्डन पटेल नगर, सत्य पार्क, आर-ब्लॉक राजेंद्र नगर का पार्क एवं वुडलैंड, जनकपुरी, शालीमार बाग तथा स्मृतिवन सेक्टर ए-7 नरेला सम्मिलित हैं।

ट्यूलिप के पौधे डीडीए की निर्धारित नर्सरियों एवं विभिन्न स्थलों — बांसेरा पार्क, अमृत जैव विविधता पार्क, डिस्ट्रिक्ट पार्क शीशमहल, डीडीए सेंट्रल नर्सरी, सपना नर्सरी, दरबार खान वाला बाग नर्सरी, डिस्ट्रिक्ट पार्क पश्चिम विहार, डिस्ट्रिक्ट पार्क पश्चिम पुरी, डिस्ट्रिक्ट पार्क हौज खास नर्सरी, सेक्टर-11 रोहिणी पार्क, चिराग नर्सरी, प्रीत विहार सी ब्लॉक नर्सरी तथा जनकपुरी सी ब्लॉक नर्सरी — पर भी बिक्री हेतु उपलब्ध हैं।

नाममात्र टिकट शुल्क पर आम जनता के लिए खुला ‘पलाश महोत्सव’ डीडीए के उद्यान विभाग द्वारा तैयार की गई व्यवस्थित पुष्प प्रदर्शनी और थीम आधारित इंस्टॉलेशन प्रस्तुत करता है। इस आयोजन में पुष्प आभूषण निर्माण, पुष्प रंगोली, पुष्प फैशन वॉक, पुष्प चित्रकला एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिताएँ, मिट्टी के बर्तन बनाने की कार्यशालाएँ, मनोरंजक गतिविधियां और परिवार-केंद्रित गतिविधियाँ सम्मिलित हैं, जो प्रकृति और सामुदायिक सहभागिता पर आधारित एक समग्र सार्वजनिक अनुभव प्रदान करती हैं।

सहभागितापूर्ण इंस्टॉलेशन और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से यह महोत्सव पर्यावरणीय जिम्मेदारी, जैव विविधता जागरूकता और सार्वजनिक हरित स्थलों के संरक्षण में नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देता है।

वर्ष 2023 से प्रतिवर्ष आयोजित ‘पलाश महोत्सव’ निरंतर विकसित होता हुआ एक जन-केंद्रित शहरी सहभागिता का मंच बन चुका है, जो डीडीए के सतत और जीवंत सार्वजनिक परिवेश के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

पूरे शहर में मौसमी फूलों के साथ ‘पलाश महोत्सव 2026’ नागरिकों को दिल्ली के विस्तारित हरित भू-दृश्य से जुड़ने और नव सजीव पारिस्थितिक वातावरण में वसंत के आगमन का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करता है। यह महोत्सव दिल्ली विकास प्राधिकरण और प्रकृति के बीच विकसित हो रहे संबंध का प्रतीक है।