बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्रों में तकनीकी और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के लिए पीएफसी ने एमईकॉन लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

भारतीय विद्युत क्षेत्र की एक प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) और महारत्न कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन एक मिनीरत्न सीपीएसई, एमईकॉन लिमिटेड के साथ 13 फरवरी, 2026 को दिल्ली स्थित पीएफसी कार्यालय में अवसंरचना और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

 एमओयू ऊर्जा, परिवहन एवं रसद, जल एवं स्वच्छता, संचार और सामाजिक अवसंरचना सहित अवसंरचना की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची में शामिल परियोजनाओं में सहयोग के लिए एक रणनीतिक ढांचा स्थापित करता है। एमईकॉन, पीएफसी और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा वित्तीय सहायता के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और समीक्षा करने, ऋणदाता इंजीनियर सेवाएं, परियोजना प्रबंधन परामर्श और लेखापरीक्षा जैसी तकनीकी और परामर्श सहायता प्रदान करेगा।

 यह साझेदारी अपशिष्ट-से-ऊर्जा, तापीय विद्युत संयंत्रों में ईंधन दक्षता, पर्यावरणीय लेखापरीक्षा, कार्बन प्रबंधन, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण सहित सतत और उभरते क्षेत्रों का भी पता लगाएगी।यह समझौता ज्ञापन श्रीमती परमिंदर चोपड़ा, सीएमडी, पीएफसी; श्री संजय कुमार वर्मा, सीएमडी एवं निदेशक (परियोजनाएं) – अतिरिक्त प्रभार, एमईकॉन; श्री राजीव रंजन झा, निदेशक (परियोजनाएं), पीएफसी; श्री मनोज शर्मा, निदेशक (वाणिज्यिक), पीएफसी; श्री जयंत कुमार झा, निदेशक (वाणिज्यिक), एमईकॉन; और पीएफसी एवं एमईकॉन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

यह समझौता ज्ञापन पीएफसी और एमईकॉन की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वे वित्तीय विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को मिलाकर बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाएंगे और भारत के ऊर्जा परिवर्तन एवं सतत विकास लक्ष्यों का समर्थन करेंगे।