भारतीय ट्रकिंग के परिदृश्य को बदलने वाले एक ऐतिहासिक कदम में, टाटा मोटर्स, भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक वाहन निर्माता और मोबिलिटी समाधान प्रदाता, ने आज 7 से 55 टन तक की क्षमता वाले 17 ट्रकों का अपना अगली पीढ़ी का पोर्टफोलियो लॉन्च किया, जो सुरक्षा, लाभ और प्रगति में नए मानक स्थापित करता है।
श्री गिरीश वाघ, एमडी एवं सीईओ, टाटा मोटर्स लिमिटेड ने कहा, भारत में ट्रकिंग का क्षेत्र सरकारी नीतियों, बेहतर सड़कों और सुरक्षित व साफ-सुथरे ट्रांसपोर्ट की मांग के कारण तेजी से बदल रहा है। टाटा मोटर्स ने हमेशा से इस बदलाव में आगे रहकर नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं जोकि इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देते हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हमने अपनी अगली पीढ़ी के ट्रक पेश किए हैं, जिनमें नई अजुरा सीरीज, दो उन्नत शक्तिशाली उच्च दक्षता पावरट्रेन, भारत के व्यापक जीरो एमिशन वाले इलेक्ट्रिक ट्रकों की रेंज और हमारे नए आर्किटेक्चर पर आधारित टिपर रेंज और यूरोपीय मानकों वाले कैबिन एवं उद्योग में अग्रणी सुरक्षा फीचर्स, ज्यादा पेलोड और ईंधन दक्षता में उल्लेखनीय अपग्रेड शामिल हैं।
टाटा मोटर्स ने अपने पूरे ट्रक पोर्टफोलियो-जिसमें सिग्ना, प्राइमा, अल्ट्रा और ऑल-न्यू अजुरा रेंज शामिल हैकृको व्यापक रूप से अपग्रेड करके सड़क सुरक्षा के लिए एक नया मानक स्थापित किया है, जो सख्त ईसीई आर29 03 ग्लोबल क्रैश सुरक्षा मानक (यूरो क्रैश नॉर्म्स) को पूरा करता है। इन ट्रकों में पूर्ण फ्रंटल, रोलओवर और साइड-इम्पैक्ट सुरक्षा के लिए इंजीनियर की गई कैबिन्स हैं, और ये 23 तक भारत-विशिष्ट उन्नत सक्रिय सुरक्षा तकनीकों से सुसज्जित हैं जैसे कि एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर वॉर्निंग, और कोलिजन मिटिगेशन सिस्टम। फ्लीट एज, नेक्स्ट-जेन कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रीयल-टाइम ड्राइविंग व्यवहार मॉनिटरिंग, सुरक्षा को और बढ़ाती है, जिससे टाटा मोटर्स एकमात्र भारतीय निर्माता बन जाता है जो अपने ट्रकों को इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मानक तक ऊंचा उठाता है।