कृषि ज्योति परियोजना के 15 वर्ष पूर्ण होने पर युवा कृषि वैज्ञानिकों को मोजेक कंपनी फाउंडेशन पुरस्कार

मोज़ेक कंपनी और एस एम सहगल फाउंडेशन ने कृषि और ग्रामीण विकास में अपनी 15 साल की साझेदारी पूरे होने पर आयोजित एक समारोह में आज युवा कृषि वैज्ञानिकों को मोज़ेक कंपनी फाउंडेशन पुरस्कारों से सम्मानित किया। यह अवार्ड समारोह एस एम सहगल फाउंडेशन (गुरुग्राम, हरियाणा) के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। मोजेक इंडिया और एस एम सहगल फाउंडेशन वर्ष 2008 से “कृषि ज्योति परियोजना” के तहत कृषि विकास, जल संरक्षण व स्कूल नवीनीकरण का कार्य कर रहे हैं। यह परियोजना हरियाणा के नूंह, राजस्थान के अलवर, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले, कर्नाटक के कोलर और महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में कार्यरत है। परियोजना की उपलब्धियों को कॉफी-टेबल बुक के विमोचन और एक वीडियो के माध्यम से रिलीज़ किया गया।

रॉबिन एडविन, प्रबंध निदेशक, मोज़ेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सुश्री अंजलि मखीजा,ट्रस्टी व सीईओ, एस एम सहगल फाउंडेशन ने स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया और एक वीडियो के माध्यम से कृषि ज्योति परियोजना के 15 वर्षों के सफ़र की चुनौतियों और उपलब्धियों का जिक्र किया तथा एस एम सहगल फाउंडेशन के ट्रस्टी जय सहगल ने कृषि ज्योति परियोजना की सफलता और कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों और कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का धन्यवाद किया ।

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट मौलिक शोध के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें कृषि में विशेष शोध के लिए प्रदान किया गया। इस वर्ष डॉ. प्रवीण केवी और डॉ. शुभम दुर्गुडे को पौध पोषण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ डॉक्टरेट रिसर्च के लिए सम्मानित किया गया है। महिलाओं को प्रोत्साहित करने हेतु डॉ. विशा कुमारी वेणुगोपालन और डॉ. सुनीता कुमारी मीणा को पौध पोषण के क्षेत्र उत्कृष्ट डॉक्टरेट रिसर्च में पुरस्कार नवाजा गया। इसके अलावा डॉ. मेराज आलम अंसारी और डॉ. राहुल त्रिपाठी को युवा वैज्ञानिक पुरस्कारों का विजेता घोषित किया गया। पुरस्कार में नकद राशि, प्रशस्ति पत्र, स्वर्ण पदक और ब्लेजर दिया गया।

मोज़ेक कंपनी फाउंडेशन अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. जे.सी. कात्याल, पूर्व वाइस चांसलर, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार और डॉ. बी.एस. दिवेदी, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली ने भी कृषि क्षेत्र में युवा कृषि वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना की।

मोज़ेक के बारे में:

मोज़ेक कंपनी फसल पोषक तत्वों में दुनिया के अग्रणी उत्पादकों और विपणकों में से एक है। वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा को स्थायी रूप से मजबूती प्रदान करना व जल संसाधनों संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है। मोज़ेक कंपनी फाउंडेशन स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा और जल संरक्षण पर कार्यरत है.

एस एम सहगल फाउंडेशन के बारे में :

सहगल फाउंडेशन भारत में 1999 से पंजीकृत गैर सरकारी संस्था है. हमारा उदेशय ग्रामीण भारत में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरर्णीय सकारात्मक बदलाव के लिए सामुदायिक नेतृत्व को विकसित करने का कार्य कर रही है ताकि ग्रामीण आँचल का हर व्यक्ति सुरक्षित व समृद्ध जीवन जी सके।

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Communications@smsfoundtaion.org

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