एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) और एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार के हरित ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के उद्देश्यों को साकार करने और ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में प्रयासों के लिए, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) और एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समझौता ज्ञापन पर एनजीईएल के महाप्रबंधक श्री वी.वी. शिवकुमार और एचएमईएल के महाप्रबंधक श्री गिरीश घिल्डियाल ने एनजीईएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री मोहित भार्गव, और  एचएमईएल के मुख्य वित्त अधिकारी श्री हरक बांठिया की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।ये समझौता ज्ञापन एचएमईएल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए चोबीसों घंटे 250 मेगावाट बिजली के स्त्रोत के माध्यम से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करने की परिकल्पना करता है और ग्रीन हाइड्रोजन व्यवसाय और इसके डेरिवेटिव (ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल) में अवसरों को भी तलाशता है।

एनटीपीसी बिजली उत्पादन के मुख्य व्यवसाय के साथ भारत की सबसे बड़ी विद्युत यूटीलिटी है, जिसकी कुल स्थापित क्षमता 72 जीडब्ल्यू (जेवी और सहायक कंपनियों सहित) है। अपने अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो को बढ़ाने के हिस्से के रूप में, “एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड” (एनजीईएल) के रूप में एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का गठन किया गया है, जो अक्षय ऊर्जा पार्कों और परियोजनाओं को ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजीज और राउंड द क्लॉक आरई पावर के क्षेत्र में व्यवसाय करेगी।एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल), एचपीसीएल और मित्तल एनर्जी इंवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम है जो भारत में एक एकीकृत रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कंपनी है। एचएमईएल बेहतर पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के कारोबार में लगी हुई है और बठिंडा, पंजाब में 11.3 एमएमटीपीए क्षमता के साथ गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी (जीजीएसआर) का संचालन करती है।

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