प्राधिकरण की बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए 8811 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ डीडीए के वार्षिक बजट को अनुमोदन प्रदान किया

माननीय उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, जो डीडीए के अध्यक्ष भी हैं, ने प्राधिकरण की बैठक में वर्ष 2024-25 के लिए 8811 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ डीडीए के वार्षिक बजट को अनुमोदन प्रदान किया। केंद्र सरकार के अनुरूप इसमें वार्षिक आबंटन का 61% (लगभग) पूंजीगत व्यय शामिल है।
माननीय उपराज्यपाल और अधिकारियों के नेतृत्व में बेहतर रणनीतियों के कारण, डीडीए की कुल प्राप्तियाँ पिछले वर्ष के 4392 करोड़ रुपये की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष में 75% के भारी उछाल के साथ 7696 करोड़ रुपये हो गईं। अगले वर्ष के अनुमानों में, डीडीए ने अपना राजस्व लक्ष्य 9182 करोड़ रुपये आंका है, जो चालू वर्ष से लगभग 19% की वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार, डीडीए ने चालू वित्तीय वर्ष में बड़े पैमाने पर विकासात्मक गतिविधियों के कारण 8804 करोड़ रुपये की राशि व्यय की, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 69% की वृद्धि है, जबकि व्यय 5189 करोड़ रुपये था। अगले वर्ष, डीडीए ने व्यय को चालू वर्ष के समान स्तर पर रखने का लक्ष्य रखा है। नागरिक बुनियादी ढांचे पर रख-रखाव व्यय के आवंटन में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है, ‘दिवाली विशेष आवास योजना’ की सफलता डीडीए के सामान्य विकास खाते (जीडीए) के बजट में दिखाई देती है, जो संशोधित अनुमान 2023-24 के अनुसार 262 करोड़ रुपये और बजट अनुमान 2024-25 में 2145 करोड़ रुपये अधिशेष होने का अनुमान है। दस वर्ष बाद ऐसा पहली बार है जब डीडीए का जीडीए अधिशेष में होगा।
माननीय उपराज्यपाल ने डीडीए द्वारा प्राप्त किए जा रहे क्रमिक वित्तीय बदलाव का स्वागत किया और इस दिशा में प्रयासों का मार्गदर्शन करने के लिए प्राधिकरण के सदस्यों और उन्हें लागू करने के लिए अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण अगले वित्तीय वर्ष के दौरान कई विकासात्मक परियोजनाएं शुरु करेगा, जिनमें बेहतर आवास, लैंडस्केप के सौंदर्यीकरण और राजधानी के विरासत भवनों के जीर्णोद्धार और संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। श्री सक्सेना ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 में इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित व्यय का वित्त पोषण राजस्व से किया जाएगा, जिसके लिए अनुमानित 9182 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

बजट में व्यय प्रस्ताव की प्रमुख विशेषताएं नीचे दी गई हैं:-

क) नागरिक आधारिक संरचना का विकास
भूमि और भौतिक आधारिक संरचना के विकास के लिए कुल 3460 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें मुख्य रूप से नरेला, द्वारका, रोहिणी उपनगरों तथा अन्य क्षेत्रों के खाली हिस्से में सड़कें, सीवेज, जल आपूर्ति, बिजली लाइनें और जल निकासी सौंदर्यीकरण, सौंदर्य उन्नयन और सड़कों का निर्माण शामिल है।

परिवहन
6421 करोड़ रूपये की लागत वाले यूईआर-II (केवल दिल्ली का हिस्सा) का निर्माण कार्य जल्द ही पूर्ण होने वाला है। कार्य को गति देते हुए वर्ष 2023-24 के आबंटन को 920 करोड़ रूपये से 1590 करोड़ रूपये तक बढ़ा दिया गया है।

परियोजना को पूरा करने के लिए बजट अनुमान 2024-25 में 400 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

इसी प्रकार दिल्ली मेट्रो परियोजना फेज IV के लिए वर्ष 2023-24 में आबंटन को 350 करोड़ रूपये से बढ़ाकर 390 करोड़ रूपये तक कर दिया गया है। बजट अनुमान 2024-25 में 275 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

मैदानगढ़ी में एसएएआरसी विश्वविद्यालय सीएपीएफआईएमएस (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा विज्ञान संस्थान) को छतरपुर रोड से जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण प्राथमिकता आधार पर किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान और वर्ष 2023-24 के संशोधित अनुमान में क्रमशः 100 करोड़ रूपये और 20 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

नेहरु प्लेस एवं भीकाजी कामा प्लेस में दो मल्टीलेवल कार पार्किंग निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त नेताजी सुभाष प्लेस में एक अन्य मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रस्तावित है। बजट अनुमान 2024-25 में 70 करोड़ रुपये का प्रावधान।

दिल्ली ग्रामोदय अभियान
दिसंबर 2023 में माननीय उपराज्यपाल ने राजस्व विभाग, जीएनसीटीडी से डीडीए को अंतरित 959 करोड़ रुपये (लगभग) के फंड का उपयोग करते हुए हाल ही में शहरीकृत गांवों में आवश्यक आधारिक संरचना को विकसित करने और निर्माण के समग्र उद्देश्य के साथ दिल्ली ग्रामोदय अभियान लॉन्च किया।  बजट अनुमान 2024-25 और संशोधित अनुमान 2023-24 में क्रमशः 600 करोड़ और 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्टार्म वॉटर चैनल
किरारी स्टॉर्म वॉटर चैनल, द्वारका में स्टॉर्म वॉटर चैनल सं. 2 और स्टॉर्म वॉटर चैनल सं.5, द्वारका सेक्टर 8 में स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, रानी खेड़ा से सेक्टर 40, रोहिणी तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन। बजट अनुमान 2024-25 और संशोधित अनुमान 2023-24 में क्रमशः 165 करोड़ और 267 करोड़ रुपये का समग्र प्रावधान किया गया है।  इससे यमुना नदी के प्रदूषण, जल जमाव/बाढ़, भूजल को दूषित होने से रोकने, में मदद मिलेगी। यह नालों और जलाशयों का निर्माण करके पार्कों की सिचाई की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।