पूर्वी दिल्ली में चार दशकों से अधिक समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय समाजसेवी गुरूचरन सिंह राजू लगातार लोगों के सुख-दुख में साझेदार बनकर उनकी सेवा करते आ रहे हैं। यही वजह है कि पूर्वी दिल्ली की समाजसेवी और राजनीतिक धारा में उन्हें अग्रिम पंक्ति में गिना जाता है। क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। बड़े हों या छोटे, लगभग हर कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है और उनकी नियमित सहभागिता उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।
एक विशेष चर्चा के दौरान पूर्वी दिल्ली के विकास और सामाजिक सेवा को लेकर बात करते हुए गुरूचरन सिंह राजू ने कहा कि उन्हें जनता के बीच रहकर, उनके सुख-दुख में शरीक होकर ही सच्ची खुशी मिलती है। वे बताते हैं, मेरी कोशिश रहती है कि जो भी जरूरतमंद मेरे पास आता है, उसकी समस्या का समाधान हो सके। इसी भरोसे के साथ लोग सुबह से ही मेरे घर-ऑफिस पहुंचते हैं और समाधान पाकर उनके चेहरों पर खुशी झलकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि भले ही उनके घर-ऑफिस के दरवाजे जनता के लिए 24 घंटे खुले रहते हों, लेकिन वे प्रतिदिन 8 से 10 घंटे विशेष तौर पर जनसेवा के लिए निर्धारित करते हैं।
सामाजिक जीवन को दिया गया यह अमूल्य समय ही है कि आज वे अनेक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि वे केवल नाम भर के लिए संस्थाओं से नहीं जुड़ते, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करना अपनी प्राथमिकता मानते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से गुरूचरन सिंह राजू वन नेशन, वन इलेक्शन के समर्थक हैं। उनका मानना है, जब देश एक है और हम सब एक हैं, तो चुनाव भी एक साथ होने चाहिए। इससे चुनावी खर्च में कमी आएगी और देश व जनता का समय बचेगा।
बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता के संकल्प को साकार करने के लिए भी वे वर्षों से योगदान दे रहे हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की पढ़ाई और विवाह में सहयोग करते हैं। राजू कहते हैं, यह मेरा निजी संकल्प है, इसका प्रचार-प्रसार करना मुझे उचित नहीं लगता। दिल से जो भावना है, उसी के तहत मैं अपना योगदान देता हूं।
गुरूचरन सिंह राजू का यह समर्पित जज़्बा और सतत जमीनी सक्रियता उन्हें पूर्वी दिल्ली में जनविश्वास का मजबूत चेहरा बनाती है।