वीबी-जीरामजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी योजना तैयार की है, जिससे कांग्रेस को इस पर भ्रम फैलाने का मौका ही नहीं मिलेगा। मनरेगा के मुकाबले वीबी जीरामजी के तहत होने वाले लाभों को बताने और कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को उजागर करने के लिए भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक और समस्त पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता ग्राम की चौपाल तक जाएंगे।मुख्यमंत्री नायब सैनी, प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बडौली, राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने एक वर्चुअल बैठक कर मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों आदि तमाम नेताओं को बताया कि किस तरह वीबी जीरामजी योजना पर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे झूठ से जनता को सावधान करना है। इस वर्चुअल मीटिंग में तय किया गया कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले दिनों में प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर सम्मेलन करेगी ताकि वीबी जीरामजी योजना से होने वाले लाभों को आम जनता तक पहुंचाया जा सके। योजना की एक -एक जानकारी देने के लिए शहर-गांव की चौपालों पर भी कार्यकर्ताओं को सम्मलेन करने के लिए बोला गया है।वीबी जीरामजी पहले के मनरेगा से अनेक गुना बेहतर है, इसको बताने के लिए भाजपा ने 10 जनवरी तक प्रदेश, जिला स्तर पर प्रेस कांफ्रेंस करने का भी निर्णय लिया है। घर -घर पत्रक बांटे जाएंगे जिसमें वीबी जीरामजी की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता वीबी जीरामजी योजना के लाभ बताकर कांग्रेस के झूठ को बेनकाब कर देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के मुकाबले जीरामजी योजना से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा और भ्रष्टाचार मिटेगा। नायब सैनी कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा से केवल भ्रष्टाचार किया और गरीबों को जो फायदा मिलना चाहिए था, वो मनरेगा से नहीं मिला, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीबी जीरामजी की शुरुआत कर विकसित भारत की तरफ एक बड़ा कदम और बढ़ाया है। इससे ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों से अपील की कि वीबी जीरामजी के लाभकारी तथ्य लेकर जनता के बीच एक एक कार्यकर्ता जाएं और कांग्रेस की झूठ फैलाने की कोशिश नाकाम करें।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस इस योजना को लेकर गुमराह करने और झूठ फैलाने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस के इस झूठ को भी बेनकाब करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, ओमप्रकाश धनखड़ ने वीबी जीरामजी योजना के विषय में विस्तार से बताते हुए मीटिंग में जुड़ें सभी भाजपा नेताओं से कहा कि तथ्यों के साथ जनता के बीच जाएं और योजना के उद्देश्यों की जानकारी दें।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बड़ौली ने बताया कि पार्टी ने ‘‘वीबी-जी राम जी’’ योजना के उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार से जनता को भाजपा नेता जागरूक करते हुए योजना से होने वाले लाभ की जानकारी देंगे। जीरामजी योजना के सही तथ्यों, सही भावना और सही उद्देश्यों को लेकर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, मजदूरों तथा ग्रामीणों से भाजपा कार्यकर्ता तथ्यों के साथ संवाद करेंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने सभी जिला अध्यक्षों, मंडल व बूथ अध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में योजना को हर व्यक्ति तक पहुंचाएं। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि जिलों में होने वाले सम्मेलनों में तीन-तीन वक्ता होंगे।पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) ‘‘वीबी जीरामजी’’ अधिनियम, 2025’ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की दृष्टि से एक क्रांतिकारी अधिनियम है। यह अधिनियम विकसित भारत के निर्माण में विकसित गांवों की एक नई रूपरेखा रेखांकित करेगा। बड़ौली ने कहा कि इस अधिनियम को लेकर कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैला रही है और लोगों को गुमराह कर रही है। जबकि भाजपा मजदूरों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना पीएम मोदी के विकसित गांव और ग्राम स्वराज के संकल्प को हर गांव तक पहुंचाने का मजबूत माध्यम है। मनरेगा में 100 दिन का काम मिलता था, लेकिन इस नए अधिनियम से अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। तय समय में काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और सशक्त बनाया गया है। धनखड़ ने कहा कि अगर मजदूरी देर से मिलती है तो अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी जीरामजी योजना में किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि योजनाएँ केंद्र से बनकर आएंगी, जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभा ही अपने गांव के विकास का प्लान बनाएंगी और यह तय करेंगी कि गाँव में कौन-कौन से काम होने चाहिए। परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, काम के आवेदन लेना और योजनाएँ बनाना ये सभी जिम्मेदारियां ग्राम पंचायतों की होंगी।
धनखड़ ने बताया कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत अपने गांव के विकास का प्लान बनाएंगी। इस योजना के अंतर्गत चार तरह के प्रमुख काम किए जाएंगे। इसके अंतर्गत तालाब बनाना, चेकडैम, स्टॉपडैम, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, सड़क, नाली, शेड या आवश्यक ढाँचे बनाना, गरीब परिवारों और स्व-सहायता समूह की बहनों की आमदनी बढ़ाने वाले रोजगार से जुड़े काम, और रिटेनिंग वॉल, पिचिंग, ड्रेनेज जैसी संरचनाएँ शामिल होंगी।जीरामजी के उद्देश्यों को बताते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि इस अधिनियम में खेती की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। रोजगार की 125 दिन की गारंटी बनी रहेगी, लेकिन जब बुवाई या कटाई का समय होगा और खेती में मजदूरों की ज्यादा जरूरत होगी तो राज्य सरकार को अधिकार दिया गया है कि साल में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कामों को अधिसूचित किया जा सके। योजना के तहत ग्राम रोजगार सहायक, मैट, फील्ड असिस्टेंट और तकनीकी सहायक योजना इनके प्रशिक्षण, मानदेय और निगरानी के लिए प्रशासनिक खर्च 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे काम की गुणवत्ता बेहतर होगी।
प्रदेश स्तर पर बनाई गई पांच सदस्यीय समिति, सुरेंद्र पूनिया संयोजक
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने बताया कि पंडित मोहनलाल बडौली ने वीबी जीरामजी को लेकर पांच सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति के प्रदेश संयोजक प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया को बनाया गया है। जबकि सदस्य के रूप में सतीश नांदल, मदन चौहान, सत्यप्रकाश जरावता व ऊषा प्रियदर्शी को लिया गया है।अरविंद सैनी ने बताया कि इसी तरह जिलों में भी चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। जिसमें एक संयोजक और तीन सदस्य होंगे। इन समितियों की देखरेख में ही वीबी जीरामजी के सम्मेलन और अन्य कार्यक्रम होंगे, जिनके जरिए वीबी जीरामजी की संपूर्ण जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाएगी।