छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों में उचित हिस्सेदारी देने की मांग

देश के छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों के वितरण में उचित प्रतिनिधित्व और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री से हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन का कहना है कि छोटे एवं मध्यम समाचार पत्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और जागरूकता अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए विज्ञापन वितरण व्यवस्था में उनकी भागीदारी को उचित महत्व मिलना चाहिए।

एसोसिएशन ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) से विज्ञापन आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और संतुलित बनाने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि विज्ञापन बजट में छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों के लिए भी उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें समान अवसर मिल सके।

एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं राष्ट्र टाइम्स के संपादक विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा, “छोटे और मध्यम समाचार पत्र लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ये स्थानीय समस्याओं, जनहित के मुद्दों और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का माध्यम हैं। ऐसे में सरकारी विज्ञापनों के वितरण में इनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें न्यायोचित अवसर मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि बढ़ती मुद्रण लागत, वितरण व्यय और अन्य आर्थिक चुनौतियों के कारण छोटे एवं मध्यम समाचार पत्र गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकारी विज्ञापनों का पारदर्शी और संतुलित वितरण न केवल इन समाचार पत्रों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा, बल्कि विविध और स्वतंत्र मीडिया व्यवस्था को भी मजबूती देगा।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि छोटे एवं मध्यम समाचार पत्र देश के दूरदराज़ और स्थानीय क्षेत्रों में सूचना के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए विज्ञापन आवंटन नीति में उनकी भूमिका और योगदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।

उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से इस विषय पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा विज्ञापन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर और न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित की जाए।