भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘राजस्थान AI पवेलियन’ आकर्षण का केन्द्र बना है। राजस्थान पवेलियन में राज्य की डेटा-संचालित प्रशासनिक संरचना एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित गवर्नेंस मॉडल को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने बुधवार को ‘राजस्थान AI पवेलियन’ का दौरा किया और विभिन्न बैठकें कर हितधारकों के साथ विचार—विमर्श किया। साथ ही उन्होंने पवेलियन में स्टार्टअप संचालकों और युवाओं से वार्ता कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार देश का एआई हब बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में आगामी बजट में दो एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की गई है।
राज्य के एआई नवाचारों के बारे में बताते हुए श्री हिमांशु गुप्ता ने कहा कि राजस्थान सरकार ने संपर्क पोर्टल पर आने वाली नागरिकों की फोन कॉल्स की समाधान प्रक्रिया को भी एआई से जोड़ा है। अब लगभग दस प्रतिशत कॉल्स एआई बॉट के माध्यम से रजिस्टर की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस पवेलियन में लगभग 20 स्टॉल्स के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा राजस्थान में टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहे नवाचारों को बखूबी दिखाया जा रहा है।
एनवीडिया, गूगल इंडिया, सबमर और हेक्सागन एबी के साथ सहयोग पर हुई चर्चा
शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सूरपुर और आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता ने इस अवसर पर एनवीडिया, गूगल इंडिया, सबमर और हेक्सागन एबी के अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। एनवीडिया के साथ एआई कम्प्यूट रेडीनेस, हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, रिसर्च और स्टार्टअप विकास पर चर्चा हुई, जिससे राजस्थान को सोवरेन एआई हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। गूगल इंडिया से डिजिटल डेवलपर इकोनॉमी, एंड्रॉयड एआई स्किलिंग और पब्लिक सर्विस इनोवेशन पर वार्ता हुई। सबमर के साथ एआई-रेडी सस्टेनेबल डेटा-सेंटर, लिक्विड कूलिंग और ब्रह्मगुप्त सेंटर से जुड़े स्किलिंग पर फोकस रहा।हेक्सागन एबी से जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्विन्स और एआई एनालिटिक्स का उपयोग पब्लिक सेफ्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग तथा जीआईएस-आधारित शासन में करने पर विचार-विमर्श हुआ।ये बैठकें राजस्थान को एआई-सक्षम शासन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबल डिजिटल इकोसिस्टम और वैश्विक सहयोग में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सभी हितधारकों ने पार्टनरशिप, पायलट प्रोजेक्ट्स और दीर्घकालिक सहयोग की मंशा जताई।