एनबीसीसी की सफलता और वृद्धिशील विकास को प्रदर्शित करता है
- वर्ष दर वर्ष आधार पर 8.70% की वृद्धि दर्ज करते हुए प्रचालन आय 8725.36 करोड़ रुपये रही
- वित्त वर्ष में उच्चतम लाभ प्राप्त किया, पी.ए.टी./पी.बी.टी. में वर्ष दर वर्ष आधार पर 38.26%/ 37.96% की वृद्धि
- अंतरिम और प्रस्तावित अंतिम लाभांश सहित वित्त वर्ष 24-25 के लिए कुल लाभांश 180.90 करोड़ रुपये
परिणाम की मुख्य विशेषताएं
वित्त वर्ष 24-25 के परिणाम (वित्त वर्ष 23-24 से सभी तुलनाएं) – एकल आधार पर
कुल आय: वित्त वर्ष 24-25 में 8943.71 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23-24 में 8227.92 करोड़ रुपये
निवल लाभ: वित्त वर्ष 24-25 में 476.11 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23-24 में 344.36 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 24-25 की चौथी तिमाही के परिणाम (वित्त वर्ष 23-24 की चौथी तिमाही से तुलना) – एकल आधार पर
कुल आय: वित्त वर्ष 24-25 में 3260.54 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23-24 में 3045.55 करोड़ रुपये
पी.ए.टी: वित्त वर्ष 24-25 में 137.19 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23-24 में 102.29 करोड़ रुपये
पी.बी.टी: वित्त वर्ष 24-25 में 186.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 23-24 में 143.08 करोड़ रुपये
निदेशक मंडल ने गुरुवार अर्थात् 29 मई, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में 31.03.2025 को समाप्त तिमाही और वर्ष के लिए कंपनी के वित्तीय परिणामों को अनुमोदित किया। कंपनी ने 31.03.2025 को समाप्त वर्ष और तिमाही के लिए समेकित आधार पर 12038.57 करोड़ रुपये और 4642.55 करोड़ रुपये की प्रचालन आय दर्ज की, जो वर्ष दर वर्ष आधार पर क्रमशः 15.68% और 16.17% की वृद्धि को दर्शाता है।एकल आधार पर, कंपनी ने 31.03.2025 को समाप्त वर्ष के लिए 8725.36 करोड़ रुपये और 31.03.2025 को समाप्त तिमाही के लिए 3217.53 करोड़ रुपये की प्रचालन आय प्राप्त की, जो कि वर्ष दर वर्ष आधार पर क्रमशः 8.70% और 6.95% की वृद्धि को दर्शाता है।
एनबीसीसी ने वित्त वर्ष 24-25 में अपने पिछले आंकड़ों से आगे बढ़ते हुए उच्चतम लाभ अर्जित किया है। कर पूर्व लाभ (पी.बी.टी.), समेकित आधार पर 755.02 करोड़ रुपये और एकल आधार पर 629.76 करोड़ रुपये रहा, जो 31.03.2025 को समाप्त वर्ष हेतु वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 35.18% और 37.96% की वृद्धि को दर्शाता है। जबकि कर पश्चात लाभ (पी.ए.टी.), समेकित आधार पर. 557.42 करोड़ रुपये और एकल आधार पर 476.11 करोड़ रुपये रहा, जो 31.03.2025 को समाप्त वर्ष हेतु वर्ष दर वर्ष आधार पर क्रमशः 34.52% और 38.26% की वृद्धि को दर्शाता है।
निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1 रुपये अंकित मूल्य के प्रति इक्विटी शेयर पर 0.14 रुपये प्रति इक्विटी के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है जो कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन है। उपर्युक्त के अतिरिक्त, मार्च, 2025 में 1 रुपये अंकित मूल्य के प्रति इक्विटी शेयर पर 0.53 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश भुगतान किया गया।
एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री के. पी. महादेवास्वामी ने वित्त वर्ष 24-25 में एनबीसीसी के इतिहास के उच्चतम टर्नओवर की उल्लेखनीय उपलब्धि की घोषणा करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की एवं उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एनबीसीसी की वृद्धि भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।
वित्त वर्ष 24-25 की प्रमुख उपलब्धियां
अर्जित व्यवसाय:
v वित्त वर्ष 23-24 में 23,500 करोड़ रुपये (समेकित) और 18,400 करोड़ रुपये (एकल) की तुलना में वित्त वर्ष 24-25 में 75,391 करोड़ रुपये (समेकित) और 67,245 करोड़ रुपये (एकल)
ऑर्डर बुक (31.03.2025 को):
v एकल स्तर – 1,04,255 करोड़ रुपये और समेकित स्तर – 1,20,533 करोड़ रुपये
आम्रपाली परियोजना: एनबीसीसी ने लगभग 25,500 यूनिटों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। कंपनी शेष यूनिटों की यथाशीघ्र सुपुर्दगी करने हेतु प्रतिबद्ध है। एनबीसीसी ने एस्पायर टीम के साथ मिलकर आम्रपाली परियोजनाओं में 6,571 से अधिक यूनिटों की बिक्री की है, जिनका कुल बिक्री मूल्य 3,822 करोड़ रुपये है। एनबीसीसी ने दिसंबर 2024 से नई एफ.ए.आर. परियोजनाएं शुरू की हैं। यथा तिथि को, एनबीसीसी ने थोक बिक्री के माध्यम से (खुली ई-नीलामी माध्यम) 3237 फ्लैट्स (4 परियोजनाओं में) की बिक्री की है, जिससे इन परियोजनाओं की निर्माण अवधि के दौरान लगभग 6479 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
लगभग 14,800 करोड़ रुपये मूल्य के कार्यालय/वाणिज्यिक स्थान की बिक्री
v डब्ल्यूटीसी, नौरोजी नगर, नई दिल्ली में 13,409 करोड़ रुपये मूल्य के 100% कार्यालय स्थान की बिक्री
v डाउनटाउन, सरोजिनी नगर, नई दिल्ली में 1,391 करोड़ रुपये मूल्य के 100% खुदरा और वाणिज्यिक स्थान की बिक्री।
प्रदत्त कार्य: वित्त वर्ष 2024-2025 के दौरान, समेकित आधार पर, कंपनी को विगत वर्ष में प्रदान किए गए लगभग 10,126 करोड़ रुपये के कार्यों की तुलना में विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित लगभग 23,250 करोड़ रुपये के कार्य प्रदान किए गए।
एनबीसीसी अपनी मजबूत ऑर्डर बुक और पुनर्विकास, पीएसयू भूमि पुनर्विकास, रियल एस्टेट विकास, विदेश में विस्तार और पी.एम.सी. कार्यों पर कार्यनीतिक फोकस के साथ भारत के भविष्य के विकास में एक अग्रणी सी.पी.एस.ई. बनने हेतु काफी अच्छी स्थिति में है।