विश्व पर्यावरण दिवस’ पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को आगे बढ़ाते हुए, ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर आज भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् द्वारा आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में ‘पीपल’ का एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण, मातृ सम्मान तथा जनभागीदारी आधारित हरित विकास का संदेश दिया ।

कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री श्री प्रवेश वर्मा, नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी के अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य श्रीमती सरिता तोमर,  श्री दिनेश प्रताप सिंह तथा सचिव श्री राहुल सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी भाग लिया और अपनी माताओं के नाम पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर श्री नितिन नवीन जी ने परिषद् क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न ‘पर्यावरण प्रहरियों’ –  मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों तथा पौधों की देखभाल करने वाले निवासियों, मालियों, अधिकारीयों को सम्मानित किया। उन्होंने अभियान के पूर्व प्रतिभागियों से संवाद कर उनके अनुभव भी सुने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए धन्यवाद किया ।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नेहरू पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरणादायी आह्वान और दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हुआ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान आज देशव्यापी जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने न केवल लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया है, बल्कि उनके मन में एक भावनात्मक जुड़ाव भी पैदा किया है। देशभर में लोग अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाकर उनकी स्मृतियों को संजोने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि हम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण देना चाहते हैं, तो हमें ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को और अधिक मजबूत बनाना होगा। वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण के माध्यम से हम प्रकृति के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं तथा देश के सतत विकास में योगदान दे सकते हैं।

इस अवसर पर श्री चहल ने कहा कि आज का दिन ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की दूसरी वर्षगांठ के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून 2024 को इस अभिनव एवं भावनात्मक जन-अभियान का शुभारंभ किया था। प्रकृति संरक्षण को मातृ सम्मान से जोड़ने वाली इस अनूठी पहल ने पिछले दो वर्षों में देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। यह अभियान नागरिकों को अपनी माताओं के सम्मान में एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी दोनों को नई ऊर्जा मिली है।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति हमारी भावनात्मक एवं सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। एनडीएमसी इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही है और प्रत्येक रविवार सहित अन्य अवसरों पर भी नियमित रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

श्री चहल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता के माध्यम से एनडीएमसी स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ शहरी पर्यावरण के निर्माण में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगी।

श्री चहल ने कहा कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) देश की सबसे प्रतिष्ठित शहरी स्थानीय निकायों में से एक है, जो लगभग 42.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, हरित विकास, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, जल एवं विद्युत सेवाओं तथा सतत शहरी विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। एनडीएमसी अपने क्षेत्र को स्वच्छ, हरित, पर्यावरण-अनुकूल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर श्री चहल ने गर्व के साथ कहा कि भले ही NDMC का क्षेत्र दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का केवल लगभग 3% है, लेकिन इसके लगभग 55% हिस्से में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) है। NDMC द्वारा करीब 1,450 एकड़ हरित क्षेत्र का प्रबंधन किया जाता है, जिसमें नेहरू पार्क, सेंट्रल पार्क और संजय झील जैसे प्रमुख उद्यान शामिल हैं।

इस अवसर पर एनडीएमसी के उद्यान, स्वच्छता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं तथा स्थानीय निवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिसने इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।