दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसायटी (बीएचएमएस) की 11वीं साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख आवासीय आयुक्त श्री नवीन जैन तथा बीएचएमएस के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि सचिव (पीडब्ल्यूडी), संयुक्त सचिव (वित्त) एवं संयुक्त निदेशक (पर्यटन) ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।
बीकानेर हाउस को सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर।
बैठक के दौरान बीकानेर हाउस को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला और संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष ने सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार एवं जनसहभागिता बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर बल दिया।
वित्तीय उपलब्धियों की सराहना
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समिति द्वारा अर्जित आय और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बीकानेर हाउस ने सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ वित्तीय दृष्टि से भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनियों को मिली विशेष सराहना
समिति ने बीकानेर हाउस परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनियों की सफलता पर विशेष संतोष व्यक्त किया। सदस्यों ने श्रीलंका के कलाकार किंग्सले गुनातिलेक, जापान की मारी इतो तथा फ्रांस के होजे लेवी की प्रदर्शनियों को अत्यंत प्रभावशाली बताते हुए उनकी सराहना की। इन आयोजनों ने बीकानेर हाउस को वैश्विक कला मंच पर नई पहचान प्रदान की है।
नई सांस्कृतिक पहलों को मिली मंजूरी।
बैठक में बीकानेर हाउस की गतिविधियों को और अधिक व्यापक एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई नई पहलों पर चर्चा की गई। समिति ने ‘फिल्म फ्राइडे’ तथा ‘बीकानेर हाउस साहित्य महोत्सव’ जैसे अभिनव कार्यक्रमों के प्रस्तावों का उत्साहपूर्वक अनुमोदन किया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य साहित्य, सिनेमा, कला और सांस्कृतिक विमर्श को एक साझा मंच प्रदान करना तथा युवाओं एवं कला प्रेमियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिलेगा नया आयाम।
बैठक में इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि नई पहलों एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के माध्यम से बीकानेर हाउस की पहचान एक बहुआयामी सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ होगी। समिति ने भविष्य में और अधिक बेहतर गुणवत्ता वाले सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं कलात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।